सावन अजोर पाख पन्चमी के तिथि कै दिन कै नाग पन्चमी या गुडिंया तिउहार के रूप मे मनावै कै प्रचलन है।यहि पर्व मे एकओर साप कै पुजा किहा जात है तौ दुसरे वोर गुडिंया पिटा जात है ।यहि दिन भिन्नही उठिकै घर लिपपोत कैकय घरके दिवाल मे बहरे से गोबर से ग…
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सावन अजोर पाख पन्चमी के तिथि कै दिन कै नाग पन्चमी या गुडिंया तिउहार के रूप मे मनावै कै प्रचलन है।यहि पर्व मे एकओर साप कै पुजा किहा जात है तौ दुसरे वोर गुडिंया पिटा जात है ।यहि दिन भिन्नही उठिकै घर लिपपोत कैकय घरके दिवाल मे बहरे से गोबर से…
01 · What it is
Living Tradition
Documented cultural tradition on record; family classification awaits an editor.
02 · Where & name
Geography awaiting source
Add a cited source naming the region or community that carries it.
03 · How it is doing
□□□□ (Not yet assessed)
Documented in open cultural records, but no cited field assessment of its current vitality has been added here yet.
04 · Proof & reuse
1 cited source
Every claim links to a public record below. Free to quote, teach, and share under CC BY-SA 4.0.
Common Questions Answered on Record
What is नाग पन्चमी in plain words?
सावन अजोर पाख पन्चमी के तिथि कै दिन कै नाग पन्चमी या गुडिंया तिउहार के रूप मे मनावै कै प्रचलन है।यहि पर्व मे एकओर साप कै पुजा किहा जात है तौ दुसरे वोर गुडिंया पिटा जात है ।यहि दिन भिन्नही उठिकै घर लिपपोत कैकय घरके दिवाल मे बहरे से गोबर से…
Where is नाग पन्चमी practised or documented?
No verified geographic place has been linked on record yet — editors can add a cited place from the edit page.
What is the current condition of नाग पन्चमी today?
The tradition & historical record
1 min read · 1 source
सावन अजोर पाख पन्चमी के तिथि कै दिन कै नाग पन्चमी या गुडिंया तिउहार के रूप मे मनावै कै प्रचलन है।यहि पर्व मे एकओर साप कै पुजा किहा जात है तौ दुसरे वोर गुडिंया पिटा जात है ।यहि दिन भिन्नही उठिकै घर लिपपोत कैकय घरके दिवाल मे बहरे से गोबर से गोठा जात है।दिवाल मे साप, बिच्छी इत्यादि कै चित्र बनवा जात है।गाव के नागदेवता के थान्ह पे मेहरारु लोग दूध,धान कै लावा औ भिजावा चना चढावै कय चलन है।यहि पर्व मे घुंघुरी खायकै चलन है। यहि दिने खीर, पुडीं,गुलगुला, गोझिया खाय कै चलन है।यहि दिने संझा कै बिटियै लोग नवानवा कपडा पहिर कै रंगीबिरंगी कपडा कै गुडिंया बनाय कै औ लडिके लोग बाँस मे रंगीबिरङ्गी कागज कै झालर कै झन्डी बनाय कै गाव के बहरे डहरचन्नी पर जुटि कै बिटियै लोग गुडिया फेकत ही औ लडिके लोग बाँस के झन्डी से पीटत है।औ यकरे बाद लड्की लोग प्रसाद बाट्त ही।इहि तिउहार मे लडिके बिटियय लोग झलुवा झुलत है।यहि मेर गुडिया पर्व मनावा जात है ।
The text above is adapted from the Wikipedia article “नाग पन्चमी”, available under the Creative Commons Attribution-ShareAlike 4.0 licence.
नाग पन्चमी is recorded in open cultural data. The structured record cited below does not describe the practice, and this entry has not yet been reviewed by a person familiar with the tradition. 1